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पुजारी की हैवानियत उजागर! प्रेमजाल में फंसाकर युवती से दुष्कर्म का आरोप

 मंदिर के पुजारी पर गंभीर आरोप, SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज

 पुजारी की हैवानियत उजागर! प्रेमजाल में फंसाकर युवती से दुष्कर्म का आरोप

 मंदिर में पहचान, फिर शादी का वादा… पुजारी पर गंभीर अपराध दर्ज


शहडोल से बड़ी खबर

जहां लोग भगवान के दर्शन कर मन की शांति और विश्वास लेकर लौटते हैं, उसी पवित्र स्थल पर आस्था को शर्मसार करने का गंभीर मामला सामने आया है। शहडोल जिले के एक प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुराचार करने का आरोप लगा है। महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला

पीड़िता, जो मूल रूप से सीधी जिले की रहने वाली है, ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में वह तबीयत खराब होने के कारण शहडोल स्थित दुर्गा मंदिर दर्शन करने आई थी। वहीं उसकी पहचान मंदिर के पुजारी आशीष राज तिवारी उर्फ छोटू, निवासी विराटेश्वरी धाम गंज दुर्गा मंदिर, शहडोल से हुई।

आरोप है कि पुजारी ने युवती से मोबाइल नंबर लेकर बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे प्रेम संबंध स्थापित किए। बाद में शादी का वादा कर युवती और उसके परिवार को भरोसे में लिया। यहां तक कि आरोपी सीधी जाकर युवती के माता-पिता के सामने शादी करने का आश्वासन भी दिया।

शादी का झांसा, वर्षों तक शोषण का आरोप

पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे रीवा ले गया जहां किराए के मकान में 2-3 वर्षों तक साथ रखा और शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा। वर्ष 2021 में उसे शहडोल लाकर यहां भी किराए के मकान में रखा और संबंध बनाए।

जातिगत टिप्पणी और जान से मारने की धमकी

पीड़िता का आरोप है कि जब उसने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने जातिगत गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

महिला थाना में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा 3(1)(W)(II), 3(2)(V) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस का बयान

महिला थाना प्रभारी रामकुमार गायकवाड़ ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बड़ा सवाल…

जब आस्था के प्रतीक माने जाने वाले स्थानों से ही विश्वास टूटने लगे, तो महिलाएं खुद को कहां सुरक्षित समझें?

समाज में धार्मिक पद पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी और जवाबदेही क्या नहीं होनी चाहिए?

यह घटना न सिर्फ एक युवती के विश्वास से खिलवाड़ है, बल्कि समाज की नैतिकता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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