विलुप्त होती पेंटिंग कला को बचाने कलाकारों ने उठाई आवाज, शासन से ठोस नीति बनाने की मांग
भारतीय कलाकार संघ ने कहा-पारंपरिक चित्रकला को संरक्षण नहीं मिला तो कलाकारों की नई पीढ़ी इससे दूर हो जाएगी

मध्यप्रदेश/शहडोल। प्रदेश में धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही पारंपरिक पेंटिंग कला और उससे जुड़े कलाकारों के भविष्य को लेकर भारतीय कलाकार संघ ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद करने का मन बना रही है। संघ से जुड़े लोगो का कहना है कि इस कला को संरक्षण देने और कलाकारों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर कई बार मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। इसके चलते कलाकारों में निराशा बढ़ने के साथ ही नई पीढ़ी में पारंपरिक पेंटिंग के प्रति रुचि कम होती दिखाई दे रही है।
पहले भी शासन तक पहुंचाई जा चुकी है कलाकारों की आवाज
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में तीन बार सौंपे गए थे ज्ञापन। भारतीय कलाकार संघ के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान भी कलाकारों की समस्याओं, उनके हितों तथा ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर तीन बार शासन को ज्ञापन सौंपे गए थे। संघ का कहना है कि उस समय मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिला था, लेकिन कई मुद्दे आज भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
संघ का कहना है कि कलाकारों के सामने रोजगार, सरकारी कार्यों में अवसर और पारंपरिक कला को संरक्षण देने जैसी चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं।
डिजिटल दौर में पारंपरिक पेंटिंग के अस्तित्व पर चिंता, कलाकारों की रुचि कम होने का दावा
भारतीय कलाकार संघ का कहना है कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव और ठेकेदारी व्यवस्था के कारण पारंपरिक पेंटिंग से जुड़े कलाकारों को काम के अवसर कम मिल रहे हैं। यदि समय रहते इस कला और कलाकारों को संरक्षण नहीं मिला तो आने वाले समय में कई पारंपरिक कला विधाएं केवल इतिहास का हिस्सा बनकर रह सकती हैं। संघ ने शासन से ऐसी नीति बनाने की मांग की है, जिससे कलाकारों को सम्मानजनक रोजगार के साथ अपनी कला को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से बड़ी उम्मीद
कलाकार हित में विशेष योजना की मांग भारतीय कलाकार संघ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उम्मीद जताई है कि प्रदेश में कलाकारों के हित में ऐसी प्रभावी योजना बनाई जाएगी, जिससे विलुप्त होती कला के प्रति आमजन और युवा पीढ़ी की रुचि दोबारा बढ़े। संघ का कहना है कि यदि सरकार पारंपरिक कलाकारों को सरकारी स्तर पर काम, आर्थिक सुरक्षा और प्रोत्साहन उपलब्ध कराती है तो कला संरक्षण के साथ हजारों कलाकार परिवारों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
भारतीय कलाकार संघ की प्रमुख मांगें, सरकारी कार्यों में पेंटरों को मिले प्राथमिकता
भारतीय कलाकार संघ द्वारा उठाई जा रही प्रमुख मांगों में सरकारी कार्यों में स्थानीय पेंटर एवं कलाकारों को अवसर देना शामिल है। संघ का मानना है कि सरकारी विभागों में पेंटिंग से जुड़े कार्य सीधे योग्य कलाकारों को मिलने से उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर मिल सकते हैं।
ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की मांग
संघ ने सरकारी पेंटिंग कार्यों में ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर कलाकारों को सीधे काम उपलब्ध कराने की मांग की है। कलाकारों का कहना है कि इससे मेहनत करने वाले वास्तविक कलाकारों को उनके काम का उचित लाभ मिल सकेगा।
सरकारी विभागों में पेंटरों की नियुक्ति की मांग
भारतीय कलाकार संघ ने सरकारी विभागों में पेंटरों की नियुक्ति किए जाने की मांग भी उठाई है। संघ के अनुसार इससे नियमित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सरकारी संस्थानों में आवश्यक पेंटिंग एवं कलात्मक कार्यों के लिए प्रशिक्षित कलाकार उपलब्ध रहेंगे।
डिजिटल पेंटिंग के बढ़ते प्रभाव पर भी जताई चिंता, पारंपरिक कलाकारों के रोजगार की सुरक्षा की मांग
संघ ने सरकारी कार्यों में डिजिटल पेंटिंग के बढ़ते उपयोग को लेकर भी चिंता जताई है और पारंपरिक पेंटरों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बनाने की मांग की है। कलाकारों का कहना है कि तकनीक के साथ पारंपरिक कला को भी समान अवसर मिलना चाहिए, ताकि वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे कलाकार बेरोजगार न हों।
नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता की मांग, 25 लाख रुपये तक मुआवजा और अन्य लाभ की मांग
भारतीय कलाकार संघ ने कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए दुर्घटना अथवा अन्य गंभीर परिस्थितियों में नुकसान होने पर 25 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा अन्य कल्याणकारी लाभ दिए जाने की मांग रखी है। संघ का कहना है कि कलाकार भी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके भविष्य तथा परिवारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रभावी कल्याणकारी व्यवस्था आवश्यक है।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी, मांगों को लेकर संघ में चर्चा तेज
कलाकारों की इन मांगों को लेकर भारतीय कलाकार संघ द्वारा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे जाने की चर्चा तेज हो गई है। संघ का कहना है कि शासन तक एक बार फिर संगठित तरीके से कलाकारों की समस्याएं पहुंचाई जाएंगी और पारंपरिक कला के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया जाएगा।
कलाकारों को अब समाधान की उम्मीद, कला बचेगी तो कलाकार और संस्कृति भी बचेगी
भारतीय कलाकार संघ का कहना है कि पेंटिंग केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसे बचाने की जिम्मेदारी केवल कलाकारों की नहीं, बल्कि समाज और शासन दोनों की है। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव कलाकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसी नीति और योजनाएं लागू करेंगे, जिससे विलुप्त होती पेंटिंग कला को नया जीवन मिले, कलाकारों को सम्मानजनक रोजगार मिले और आने वाली पीढ़ियां इस कला से जुड़ सकें।
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