मध्यान्ह भोजन बंद, प्यास बुझाने खुले कुएं का सहारा!
27 जुलाई से बच्चों को नहीं मिल रहा भोजन, वर्षों से खराब हैंडपंप भी नहीं सुधरा; जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल
अमझोर। संकुल अमझोर अंतर्गत एमएस कुर्रान टोला में पढ़ने वाले बच्चों को इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। बच्चों के अनुसार 27 जुलाई से विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बंद है, वहीं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी लंबे समय से बदहाल बनी हुई है।
विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा है। बताया गया कि इसकी सूचना पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक हैंडपंप की मरम्मत नहीं कराई गई। ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे परिसर में मौजूद खुले कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं।
बरसात के मौसम में खुले कुएं का पानी दूषित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। सवाल यह है कि जब विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ रहे हैं और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना जिम्मेदार विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए, तो वर्षों से खराब हैंडपंप की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?
मध्यान्ह भोजन बंद होने और पेयजल व्यवस्था चरमराने से विद्यालय की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चों की शिकायत के बाद भी यदि समस्या जस की तस बनी हुई है, तो आखिर जिम्मेदारी किसकी है?
अभिभावकों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से विद्यालय में तत्काल मध्यान्ह भोजन शुरू कराने, हैंडपंप की मरम्मत कराने तथा बच्चों के लिए सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।

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