2 दिनों में कोदो की रोटी और चना भाजी खाने से 10 बीमार
शहडोल। ददरा टोला में एक ही परिवार के चार लोगों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उपचार हेतु भर्ती लोगों ने बताया कि रात्रि के समय चारों ने कोदो की रोटी खाई थी उसके कुछ देर बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। इसके बाद संभागीय मुख्यालय से लगे ग्राम चाका से भी ऐसी ही घटना सामने आई है। दोनों ही घटनाओं में कोदो की रोटी और चना भाजी का सेवन इनके द्वारा किया गया था । विदित हो कि बीते माह बांधवगढ़ में कोदो खाने से 10 हाथियों की मौत का मामला देश भर में छाया रहा, वहीं अब इसे खाने से जिले में 10 लोग बीमार हुए हैं, इसलिए इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। रामचरण कोरी ने बताया की बीती रात्रि साढ़े आठ बजे परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी, आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य जिन्होंने खाना खाया था, उन सब की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई,जिसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। जिसमें रामचरण कोरी, सावित्री, रामकुमार, राजकुमारी कोरी सहित दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए थे, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है। मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड प्वाइजनिंग की संभावनाएं हो सकती हैं, लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र सिंह सेंगर, मेडिसिन विशेषज्ञ ने कहा कि चने की फसलों में कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है, जिससे कारण भी लोग बीमार हो सकते हैं हालांकि मरीजों की जांच रिपोर्ट आने के बाद की कुछ कहना उचित होगा।

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