दूरदर्शन एवं राज्यसभा टीवी के एंकर्स ने दिए एंकरिंग के गुरुमंत्र.
एमसीयू के मीडिया प्रबंधन विभाग में विशेष व्याख्यान सम्पन्न.
भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के मीडिया मैनेजमेंट विभाग द्वारा“वॉयस, विजन एंड वर्बल आर्टिस्ट्री: प्रोफेशनल एंकरिंग एंड कंटेंट स्किल फ्रॉम डीडी एक्सपर्टस विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर दूरदर्शन के प्रतिष्ठित एंकर आदित्य श्रीवास्तव तथा राज्यसभा टीवी के प्रतिष्ठित एंकर पराक्रम सिंह शेखावत ने विद्यार्थियों से संवाद किया और एंकरिंग की कला, भाषा की शुद्धता तथा प्रस्तुति के व्यावहारिक पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अविनाश बाजपेयी द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। स्वागत उपहार वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक सुश्री मनीषा वर्मा द्वारा भेंट किए गए।
अपने संबोधन में एंकर आदित्य श्रीवास्तव ने ‘एंकर’ शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि एक सशक्त एंकर अपनी आवाज़ और व्यक्तित्व से दर्शकों को जोड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी मौलिकता बनाए रखने, आवाज़ और उच्चारण पर ध्यान देने तथा निरंतर अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा “एंकरिंग की आत्मा कहानी कहने के आपके अंदाज़ और आपके अवलोकन में छिपी होती है।”वहीं, श्री पराक्रम सिंह शेखावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एंकरिंग से पहले विषय का गहन अध्ययन और तैयारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर अवसरों को स्वयं सृजित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा — “आत्मविश्वासी बनो, अपने दर्शकों के प्रति निष्पक्ष रहो और हमेशा अपनी विश्वसनीयता बनाए रखो। एंकर को एक आईने की तरह होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि हर मीडिया विद्यार्थी को अपनी “शक्ति, बुद्धि और पराक्रम” को सशक्त बनाना चाहिए — यही सफलता का मूल मंत्र है।
सत्र का समापन वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक सुश्री मनीषा वर्मा द्वारा अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मीडिया जगत की वास्तविकताओं, संभावनाओं और जिम्मेदारियों से परिचित कराया तथा अपने अनुभवों से प्रेरित किया।


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