वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता
तेन्दुए की खाल के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, वन विभाग की सतर्कता से टूटा तस्करी नेटवर्क
शहडोल।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग लगातार सख्त और सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल श्री महेन्द्र प्रताप सिंह (भा.व.से.) के निर्देशन एवं वनमण्डलाधिकारी दक्षिण शहडोल सुश्री श्रद्धा पन्द्रे (भा.व.से.) के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 19 जनवरी 2026 को एक बड़ी और सराहनीय कार्रवाई की गई।
वन परिक्षेत्र जैतपुर अंतर्गत दर्ज वन अपराध प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की सूचना मुखबिर के माध्यम से प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वनमण्डल दक्षिण शहडोल की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने मुख्यालय से बाहर जाकर जिला सिवनी (म.प्र.) में दबिश दी।
कार्यवाही के दौरान ग्राम देवघाट (मझगवां), जिला सिवनी में एक कार और एक स्कूटी में संदिग्ध व्यक्ति खड़े मिले। वन अमले को देखते ही कार सवार फरार हो गए, जबकि स्कूटी से भाग रहे दो व्यक्तियों को वन कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान एक आरोपी के बैग से तेन्दुए की खाल बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम
रीझन लाल मरकाम, पिता हरीशचंद्र मरकाम, उम्र 54 वर्ष, निवासी ग्राम खांपा, तहसील कोयलारी, जिला सिवनी बताया, जो पेशे से पटवारी है। आरोपी के पास वन्यप्राणी अवयव से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए।
दूसरे आरोपी की पहचान
रमाकांत दुबे, पिता काशी प्रसाद दुबे, उम्र 35 वर्ष, निवासी संजीवनी नगर, गढ़ा, जबलपुर, पेशा मजदूरी के रूप में हुई।
नियमानुसार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर तेन्दुए की खाल एवं स्कूटी क्रमांक MP 20 AF 7956 को जप्त किया गया, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से काहानी परिक्षेत्र परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है।
इस सफल कार्यवाही में
श्री श्रीप्रकाश शुक्ला (कार्यवाहक उप वनक्षेत्रपाल, बडखेरा),
श्री कमला प्रसाद वर्मा (कार्यवाहक उप वनक्षेत्रपाल, बुढ़ार),
श्री राजेश निगम (वनपाल, वनचौकी प्रभारी हरदी) एवं
श्री अभिनय गौतम (वनरक्षक, बीटगार्ड खन्नौधी)
की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय रही।
यह कार्रवाई न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वन विभाग हमारी प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रहा है


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