Header Ads Widget

आखिरकार काबू में आया खूंखार हाथी “E-5”, 10 दिन चले हाईटेक रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग को मिली बड़ी सफलता

 आखिरकार काबू में आया खूंखार हाथी “E-5”, 10 दिन चले हाईटेक रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग को मिली बड़ी सफलता

मानव-हाथी द्वंद्व से दहशत में थे ग्रामीण, ड्रोन, क्रेन, जेसीबी और प्रशिक्षित हाथियों की मदद से हुआ सुरक्षित रेस्क्यू


शहडोल/अनूपपुर।

वन परिक्षेत्र केशवाही एवं आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से विचरण कर रहे जंगली नर हाथी “E-5” को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। हाथी के आबादी क्षेत्रों के करीब पहुंचने और मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने लगातार निगरानी और रणनीतिक अभियान चलाकर 23 मई 2026 को इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलता पूर्वक पूरा किया।

वन विभाग के अनुसार हाथी “E-5” पहले अनूपपुर जिले में विचरण कर रहा था और बाद में शहडोल सीमा में प्रवेश कर गया। इस दौरान विभाग द्वारा प्रभावित गांवों में लगातार गश्त, मुनादी, लाउडस्पीकर प्रचार एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई तथा कई संवेदनशील गांवों में कच्चे मकान भी खाली करवाए गए। हाथी मित्र दल और वन अमले द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 13 मई 2026 को ग्राम गिरवा क्षेत्र में एक ग्रामीण की हाथी के हमले में मौत हो गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित हाथियों, महावतों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलाई गई। ग्राम बेलिया में ट्रांजिट कैंप बनाया गया तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से कॉर्डन ऑफ किया गया। वहीं शासकीय विद्यालय बेलिया में मॉनिटरिंग स्टेशन और वनमंडल दक्षिण शहडोल में कंट्रोल रूम स्थापित कर पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की गई।

दो दिनों तक चले बेहद जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन में जेसीबी मशीन, क्रेन, ट्रक, टैंकर, फायर टेंडर, ट्रैक्टर, थर्मल एवं इंफ्रारेड ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. चित्रलेखा सिंह और एम्बुलेंस टीम भी पूरे समय मौके पर तैनात रही। घने जंगल, पहाड़ी इलाकों और हाथी के आक्रामक व्यवहार के बावजूद वन वृत्त शहडोल एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाया।

रेस्क्यू के बाद हाथी “E-5” को सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास की ओर रवाना किया गया, जहां उसकी सतत निगरानी की जाएगी।

पूरा अभियान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय एवं वन संरक्षक शहडोल महेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। वनमंडलाधिकारी दक्षिण शहडोल तरुण वर्मा, वनमंडलाधिकारी अनूपपुर डेविड चनाप तथा उपवनमंडलाधिकारी जैतपुर विनोद जाखड़ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने अभियान को अंजाम दिया। इस दौरान वन विभाग, बीटीआर टीम, चिकित्सकों एवं जिला प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही।

वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत वन अमले को दें तथा अफवाहों से बचते हुए विभागीय निर्देशों का पालन करें। मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Post a Comment

0 Comments