वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का शुभारंभ मानव और वन्यजीव सहअस्तित्व पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
शहडोल
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार तथा वन संरक्षक श्री अनुपम सहाय (भा.व.से.) और वनमंडलाधिकारी दक्षिण शहडोल सुश्री श्रद्धा पन्द्रे (भा.व.से.) के कुशल मार्गदर्शन में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का शुभारंभ 1 अक्टूबर 2025 को किया गया।
यह कार्यक्रम वन परिक्षेत्र बुढ़ार के ग्राम सिरौंजा के शासकीय माध्यमिक विद्यालय एवं ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित हुआ।
इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह का थीम था — “Human-Animal Coexistence” (मानव और वन्यजीव का सहअस्तित्व)।
साथ ही कार्यक्रम में “Mission LIFE” और “Say No To Plastics” के संदेशों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
मुख्य अतिथि माननीय जयसिंह मरावी, विधायक विधानसभा जैतपुर ने पौधारोपण कर सप्ताह का शुभारंभ किया।
उन्होंने उपस्थित जनों से वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
माननीय विधायक ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जारी संदेश का वाचन करते हुए सभी को वन्यजीव सुरक्षा की शपथ दिलाई।
विद्यार्थियों के लिए चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
‘‘सेवा पर्व पखवाड़ा’’ के तहत विद्यालय परिसर में फलदार पौधों का रोपण भी किया गया।
सभी अतिथियों और जनप्रतिनिधियों को पौधा एवं अमला भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति
श्री जगन्नाथ शर्मा (सभापति, जिला पंचायत शहडोल),
श्री रमाशंकर कुशवाहा (जिला अध्यक्ष, युवा मोर्चा),
श्री रामराज कोल (सरपंच, ग्राम सिरौंजा),
श्री विमल सिंह (मंडल अध्यक्ष, खैरहा)
तथा विभागीय अधिकारी
सुश्री श्रद्धा पन्द्रे (वनमंडलाधिकारी दक्षिण शहडोल),
श्री संतोष कुमार शुक्ला (उप वनमंडलाधिकारी, सोहागपुर),
श्री जसवंत मीणा (प्रशिक्षु भा.व.से., परिक्षेत्राधिकारी जैतपुर),
श्री सलीम खान (वन परिक्षेत्राधिकारी बुढ़ार),
श्री हेमंत प्रजापति (परिक्षेत्राधिकारी गोहपारू),
श्री अंकुर तिवारी (परिक्षेत्राधिकारी केशवाही),
श्री रामनरेश विश्वकर्मा (परिक्षेत्राधिकारी शहडोल),
श्री बृजलाल प्रजापति (प्रभारी परिक्षेत्राधिकारी खन्नौधी)
तथा वन विभाग का समस्त स्टाफ और लगभग 200 ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य मानव और वन्यजीवों के बीच सामंजस्यपूर्ण सहअस्तित्व को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनजागृति लाना रहा।


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