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बच्चों की मौत के बाद बढ़ी सतर्कता — दर्जनों सैंपल जांच हेतु भेजे गए, डॉक्टरों को भी दिए निर्देश

 शहडोल में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई: प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्ती, मेडिकल कॉलेज से लेकर हॉस्पिटल तक जांच तेज

बच्चों की मौत के बाद बढ़ी सतर्कता — दर्जनों सैंपल जांच हेतु भेजे गए, डॉक्टरों को भी दिए निर्देश

  शहडोल। प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के निर्देशन में औषधि निरीक्षक प्रमोद कुमार कुलेश के नेतृत्व में टीम ने जिलेभर की दवा दुकानों और अस्पतालों में सघन जांच अभियान चलाया।

इस जांच में डॉ. कंवर और संतोष सिंह भी शामिल रहे।

छिंदवाड़ा जिले में प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत की घटना के बाद, शहडोल में भी इसी तरह की दवाओं को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू की गई है।

अब तक एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स से सैंपल लेकर लैब जांच हेतु भेजे गए हैं।

 बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज और अमृता हॉस्पिटल में सैंपलिंग

जांच टीम ने बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में प्रोविडिन आयोडीन सोल्यूशन के सैंपल लिए हैं।

हाल ही में यहाँ मरीजों में स्किन बर्न की शिकायतें सामने आई थीं।

वहीं, अमृता हॉस्पिटल पिपरिया शहडोल में भी औषधि टीम ने कई सैंपल लेकर परीक्षण हेतु भेजे।

व्यौहारी और जैतपुर में भी छापेमार कार्रवाई

व्यौहारी में खंड चिकित्सा अधिकारी निशांत सिंह के साथ सारांश मेडिकल और बालाजी मेडिकल का निरीक्षण किया गया।

जैतपुर क्षेत्र में डॉ. अमित कुमार चौधरी और आर.के. द्विवेदी के साथ टीम ने अंबे, मिश्रा, माँ सिंह वाहिनी, संजीवनी, राहुल, श्रीगणेशा, राज और श्याम मेडिकल स्टोर्स से सैंपल लिए।

मेडिकल स्टोर्स को जारी निर्देश

औषधि निरीक्षक ने सभी दवा दुकानों को सख्त हिदायत दी है कि

चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एफडीसी युक्त कफ सिरप न दें।

डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी दवा का विक्रय न करें।

कोल्ड्रिफ, रिलीफ, रेस्पीफ्रेश टीआर सिरप जैसी प्रतिबंधित दवाओं का विक्रय तुरंत बंद करें।

फिलहाल जिले में प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ कफ सिरप नहीं पाया गया है, परंतु विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर्स को सतर्कता और नियमों के पालन के निर्देश जारी कर दिए हैं।


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